# Machines Are Learning,पर क्या मनुष्य भूल रहा है?
# मशीनें सीख रही हैं, पर क्या मनुष्य भूल रहा है? # Machines Are Learning, But Is Humanity Forgetting? **मनुष्य का इतिहास केवल नए आविष्कारों का इतिहास नहीं है, बल्कि उन परिवर्तनों का भी इतिहास है जो उन आविष्कारों ने मनुष्य के भीतर उत्पन्न किए। हर नई तकनीक ने हमें कुछ दिया है, लेकिन हर तकनीक के साथ यह प्रश्न भी जुड़ा रहा है कि हमने बदले में क्या खोया।** *Human history is not merely the history of inventions; it is also the history of the changes those inventions created within human beings. Every new technology has given us something valuable, but every technological advancement also raises an important question: what have we lost in return?* --- **जब कैलकुलेटर नहीं था, तब लोग गणना अपने मस्तिष्क से करते थे। दुकानदार, व्यापारी और विद्यार्थी बड़ी-बड़ी संख्याओं का हिसाब कुछ ही क्षणों में लगा लेते थे। उन्हें केवल 1 से 20 तक के पहाड़े ही नहीं, बल्कि 0.25, 0.5 और 0.75 जैसे भिन्नों के गुणनफल भी याद होते थे। वे कई गणितीय युक्तियाँ जानते थे जिनकी सहायता से जटिल समस्याओं को छोटे-छोटे भागों मे...